
इतना तुम्हें चाहना है, ना सोच सकोगी
किस हद तक जाना है, ना सोच सकोगी
तेरी-मेरी बातें हों, भीगी-भीगी रातें हों
यूँ ही मुलाक़ातें हों
ऐसे मिल जाएँ हम, हर दूरी हो कम
बस दिल ही गँवाना है
इतना तुम्हें चाहना है, ना सोच सकोगी
किस हद तक जाना है, ना सोच सकोगी
हम्म हम्म हम्म हम्म
ऐसा कोई भी पल ना हो जिस में तू ना रहे
हर साँस मेरी तेरे बिन फ़िज़ूल सी लगे
तेरे-मेरे हाथों में, लिखे हुए नातों में
मेरे इरादों में
यूँ ही मिल जाएँ हम, हर दूरी हो कम
बस इश्क़ निभाना है
इतना तुम्हें चाहना है, ना सोच सकोगी
𝐈 𝐒 𝐇 𝐈 𝐊 𝐀

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